मदरसे से 40 लाख कैश और सोना जब्त, रोहिंग्या कनेक्शन

मदरसे से 40 लाख कैश और सोना जब्त, रोहिंग्या कनेक्शन

बंगाल के मदरसे में बड़ा भंडाफोड़: किताबों में छिपा था खजाना, 40 लाख कैश और सोना जब्त; क्या घुसपैठियों से बदल रहे थे डेमोग्राफी?

​पश्चिम बंगाल के हरोड़ा स्थित 'इकमी मदरसा अल जमियातुल इस्लामिया' में शिक्षा की आड़ में चल रहे एक बड़े राष्ट्रविरोधी सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है। जांच एजेंसियों के राडार पर आए इस मदरसे पर ED (प्रवर्तन निदेशालय) की टीम ने अचानक सर्जिकल स्ट्राइक की, जिसके बाद जो सच्चाई सामने आई, उसने सबको चौंका दिया है।

​तालीम की जगह मिला 40 लाख कैश और सोना

मदरसे के मुख्य ऑफिस और लाइब्रेरी में जब ED ने तलाशी ली, तो धार्मिक किताबों के बीच से 40 लाख रुपये नकद और 180 ग्राम सोने के सिक्के निकले। जब मदरसा प्रभारी से इस अवैध खजाने का सोर्स पूछा गया, तो उसके पसीने छूट गए और वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद ED ने तुरंत 'मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' के तहत यह सारा माल जब्त कर लिया।

​रोहिंग्या घुसपैठ और डेमोग्राफी बदलने की साजिश

इस रेड के तार सीधे तौर पर बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के इल्लीगल सिंडिकेट से जुड़े हैं। जांच में सामने आया है कि यह भारी-भरकम फंड भारत, विशेषकर सीमावर्ती राज्यों की डेमोग्राफी बदलने और घुसपैठियों को बसाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। एजेंसियां अब टेरर फंडिंग के एंगल से भी इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं कि कहीं देश के खिलाफ कोई बड़ी साजिश तो नहीं रची जा रही।

​बंगाल में यूपी ED का धाकड़ एक्शन

हैरानी की बात यह रही कि इस रेड को बंगाल की किसी स्थानीय टीम ने नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की लखनऊ जोनल ED टीम ने सीधे जाकर अंजाम दिया। यूपी ED का बंगाल में यह धाकड़ एक्शन उन सभी देशविरोधी ताकतों के लिए कड़ा संदेश है, जो भारत की आंतरिक सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं।